चेन्नई: नवाचार और करुणा के मिलन का एक उल्लेखनीय उदाहरण, कलक्कड़ मुंडनथुराई टाइगर रिज़र्व (KMTR) के पास स्थित तिरुनेलवेली के खेतों को एक नए विकसित रिमोट-संचालित मानवीय जाल पिंजरे के माध्यम से जंगली सूअरों के लगातार हमलों से राहत मिल रही है।
इस नवोन्मेषी उपकरण को जंगली सूअरों को बिना किसी चोट पहुँचाए पकड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए एक प्रभावी और नैतिक समाधान मिलता है। यह जाल सेंसर-आधारित तकनीक और रिमोट ऑपरेशन का उपयोग करता है, जिससे वन अधिकारी या किसान जानवर के प्रवेश करते ही सुरक्षित दूरी से इसे सक्रिय कर सकते हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि यह मानवीय दृष्टिकोण न केवल फसल सुरक्षा और किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि वन्यजीव कल्याण सिद्धांतों के अनुरूप भी है, जिससे जानवरों को अनावश्यक नुकसान से बचाया जा सकता है। यह नवाचार सह-अस्तित्व के एक आदर्श के रूप में खड़ा है, यह दर्शाता है कि कैसे विज्ञान और सहानुभूति मिलकर मानव-वन्यजीव संघर्षों को स्थायी रूप से हल कर सकते हैं।


