केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय (MoEF) ने केरल के Kasaragod जिले की एक सुरम्य पहाड़ी, Veermalakunnu में 38 हेक्टेयर की शहरी वन परियोजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करते हुए इसकी पारिस्थितिक पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देना है।
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परियोजना की मुख्य विशेषताएँ
- वन विभाग के अंतर्गत 14 हेक्टेयर भूमि का विकास ₹36 लाख (पहली किस्त) से किया जाएगा।
- जैव विविधता को पुनर्स्थापित करने के लिए बबूल के पेड़ों के स्थान पर देशी और फलदार प्रजातियाँ लगाई जाएँगी।
- पैदल मार्ग, वॉचटावर और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाओं का विकास – बड़े पैमाने पर निर्माण की अनुमति नहीं।
- पर्यटन विभाग कासरगोड विकास पैकेज के तहत 9 हेक्टेयर भूमि का विकास करेगा।
- अद्वितीय लैटेराइट परिदृश्य, मौसमी फूलों के कालीन, नीलेश्वरम नदी और प्रतिष्ठित पुल के मनोरम दृश्यों का प्रचार।
- हल्की ट्रैकिंग, रैपलिंग और पारिवारिक सैर जैसी गतिविधियाँ इसे अवकाश और रोमांच का केंद्र बनाएँगी।
हर अगस्त और सितंबर में, यह पहाड़ी जंगली फूलों के कालीन में बदल जाती है और अपने मनमोहक दृश्यों से पर्यटकों को आकर्षित करती है। इस परियोजना के साथ, वीरमलकुन्नू स्थायी पर्यटन और संरक्षण का एक आदर्श बनने के लिए तैयार है।


