Madras उच्च न्यायालय ने Coimbatore के थोंडामुथुर क्षेत्र में स्टील वायर फेंसिंग परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जो बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 10 किलोमीटर के प्रायोगिक क्षेत्र में निगरानी कैमरे लगाए जाने के साथ, तमिलनाडु वन विभाग अब हाथियों की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखेगा, उनके व्यवहार संबंधी आँकड़े एकत्र करेगा और लोगों व वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
कठोर अवरोधों के विपरीत, यह लचीली, उच्च-तनाव वाली स्टील की बाड़ यह सुनिश्चित करती है कि हाथी इसे तोड़ न सकें और उन्हें कोई नुकसान न पहुँचाएँ। यह हिरणों और तेंदुओं जैसी छोटी प्रजातियों के लिए भी मुक्त मार्ग प्रदान करती है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित होता है।
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यह कदम एक गर्भवती हथिनी की खाद्य अपशिष्ट निगलने से हुई मौत जैसी दुखद घटनाओं के बाद उठाया गया है, जो निवारक उपायों की तत्काल आवश्यकता को उजागर करता है। अदालत की मंज़ूरी के साथ, यह परियोजना—जिसकी घोषणा मूल रूप से मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 2024 में की थी—समुदायों और वन्यजीवों, दोनों की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षित, लागत प्रभावी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील समाधान के रूप में आगे बढ़ेगी।


