2016 से, दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत ज़िंक उत्पादक कंपनी Hindustan Zinc ने वन्यजीवों की देखभाल और सामुदायिक कल्याण को मिलाकर 8.7 लाख से ज़्यादा जानवरों को लाभान्वित किया है।
प्रमुख पहल:
- बाघदर्रा मगरमच्छ संरक्षण रिज़र्व विकसित करने के लिए उदयपुर वन विभाग के साथ ₹5 करोड़ की साझेदारी – आवासों का पुनर्स्थापन, 5,000 पौधे लगाना और ज़िम्मेदार प्रकृति पर्यटन के लिए इको-ट्रेल्स का निर्माण।
- कायड़ खदान में मयूर संरक्षण पार्क और कायड़ एवं रामपुरा अगुचा खदानों में लुप्तप्राय प्रजातियों की नर्सरी – भारत के राष्ट्रीय पक्षी और दुर्लभ पौधों की प्रजातियों का पोषण।
- तितली उद्यानों, पक्षियों के घोंसलों और इको-तालाबों का निर्माण, औद्योगिक स्थलों को जैव विविधता के आश्रय स्थलों में बदलना।
- TACO (द एनिमल केयर ऑर्गनाइज़ेशन) के साथ सहयोग – पशु स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, ढेलेदार त्वचा रोग की रोकथाम और पशुधन सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टिव कॉलर कार्यक्रम।
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हिंदुस्तान ज़िंक के सीईओ अरुण मिश्रा कहते हैं, “पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक समृद्धि आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं।”
संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDG) और मिशन लाइफ़ (Mission LiFE) के अनुरूप, कंपनी यह दर्शा रही है कि ज़िम्मेदार खनन पारिस्थितिक संतुलन के साथ-साथ चल सकता है – यह साबित करते हुए कि प्रगति हरित, करुणामय और समावेशी हो सकती है।


