दिनांक 21 दिसंबर 2024 को मध्य प्रदेश के Satpura Tiger Reserve, नर्मदापुरम् के मटकुली परिक्षेत्र में द्वितीय अनुभूति शिविर का आयोजन कोलुआ वॉच टावर वन क्षेत्र में किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों को वन, वन्यजीव, और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाना और जागरूक बनाना था।
शिविर में उपसंचालक सुश्री पूजा नागले, सहायक संचालक आशीष खोब्रागड़े, डॉ. शैलेष पाटिल (मध्य प्रदेश खाद्य निगम), सहायक लोक अभियोजन अधिकारी विक्रम चौधरी, परिक्षेत्र अधिकारी दुर्गेश बिसेन, स्वास्थ्य विभाग की टीम, ग्राम पंचायत समनापुर के सरपंच और स्कूल के शिक्षक उपस्थित रहे।
शिविर की मुख्य गतिविधियाँ:
• वन और पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा: बच्चों को “मैं भी बाघ” और “हम हैं बदलाव” थीम पर जानकारी दी गई।
• प्रकृति पथ भ्रमण: बच्चों को विभिन्न वृक्षों, वन्यजीवों और उनके साक्ष्यों की पहचान कराई गई।
• खेल के माध्यम से शिक्षा: “जंगल का कानून” और पक्षियों के माइग्रेशन पर आधारित खेलों के जरिए संरक्षण के महत्व को रोचक ढंग से समझाया गया।
• क्राफ्ट और क्रिएटिविटी: बच्चों को पेपर से बाघ बनाना, बिना सिले कपड़े से थैली बनाना सिखाया गया।
• प्रतियोगिताएँ और पुरस्कार: निबंध, प्रश्नोत्तरी, और स्पॉट क्विज में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

शिविर में 54 छात्र, 66 छात्राएँ और 7 शिक्षक सम्मिलित हुए। अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रकृति के प्रति जागरूक बनाने की एक सराहनीय पहल की जा रही है।
Source: Satpura Tiger Reserve, नर्मदापुरम्


