Assam में 2025 में Rhino के शिकार की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है, जो भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक पल है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा घोषित यह सफलता असम के संरक्षित क्षेत्रों में सालों से चलाए जा रहे शिकार विरोधी अभियानों का नतीजा है।
यह उपलब्धि ऑपरेशन फाल्कन, वन अधिकारियों और पुलिस बलों के बीच मज़बूत तालमेल, और ड्रोन, कैमरा ट्रैप और रियल-टाइम इंटेलिजेंस नेटवर्क जैसी आधुनिक निगरानी तकनीकों के इस्तेमाल का नतीजा है। लगातार ज़मीनी गश्त, तेज़ी से कानूनी कार्रवाई और सामुदायिक सतर्कता ने मिलकर वन्यजीव अपराधों के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी।
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एक ऐसा राज्य जो कभी गैंडों के बड़े पैमाने पर शिकार से जूझ रहा था, 2025 इस बात का सबूत है कि लगातार सख्ती, राजनीतिक प्रतिबद्धता और आधुनिक संरक्षण रणनीतियाँ सबसे ज़्यादा शिकार होने वाली प्रजातियों को भी बचा सकती हैं। असम की यह सफलता अब गैंडा संरक्षण और शिकार विरोधी प्रयासों के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल बन गई है।


