Odisha के वन विभाग पर करीब ₹12 करोड़ की कुल लागत से 51 महिंद्रा थार SUV खरीदने के बाद जनता और राजनीतिक स्तर पर कड़ी जांच हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब ₹5 करोड़ सिर्फ़ गाड़ियों के कस्टमाइज़ेशन और अतिरिक्त उपकरणों पर खर्च किए गए।
बताया जा रहा है कि ये SUV जंगल में गश्त, वन्यजीवों की निगरानी, शिकार रोकने के ऑपरेशन और जंगल की आग बुझाने के लिए खरीदी गई थीं। हालांकि, कस्टमाइज़ेशन की ज़्यादा लागत, खरीद प्रक्रिया और क्या यह खर्च ज़मीनी ज़रूरतों के हिसाब से सही है, इस पर चिंता जताई गई है।
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इस विवाद के जवाब में, राज्य सरकार ने गाड़ियों की खरीद और कस्टमाइज़ेशन दोनों में संभावित वित्तीय अनियमितताओं, प्रक्रियागत कमियों और पारदर्शिता के मुद्दों की जांच के लिए एक विशेष ऑडिट का आदेश दिया है। ऑडिट के नतीजों से जवाबदेही तय करने और सार्वजनिक धन के ज़िम्मेदार इस्तेमाल को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।
इस घटना ने संरक्षण फंडिंग की प्राथमिकताओं पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, खासकर ऐसे समय में जब जंगल की सुरक्षा और फ्रंटलाइन कर्मचारियों का कल्याण अभी भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।


